NCERT Solutions for Class 10 Hindi Sparsh Chapter 11 डायरी का एक पन्ना प्रश्न और उत्तर

NCERT Solutions for Class 10 Hindi Sparsh Ch- 11 diary ka ek panna Questions and Answers

मौखिक 

निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर एक-दो पंक्तियों में दीजिए—

प्रश्न 1. कलकत्ता वासियों के लिए 26 जनवरी 1931 का दिन क्यों महत्त्वपूर्ण था?

उत्तर – कलकत्ता वासियों के लिए 26 जनवरी 1931 का दिन इसलिए महत्त्वपूर्ण था क्योंकि इस दिन सारे हिंदुस्तान में पहला स्वतंत्रता दिवस मनाया गया था।

प्रश्न 2. सुभाष बाबू के जुलूस का भार किस पर था?

उत्तर – सुभाष बाबू के जुलूस का भार पूर्णोदास जी पर था, जिन्होंने इस जुलूस का पूरा प्रबंध किया था।

प्रश्न 3. विद्यार्थी संघ के मंत्री अविनाश बाबू के झंडा गाड़ने पर क्या प्रतिक्रिया हुई?

उत्तर – विद्यार्थी संघ के मंत्री अविनाश बाबू के झंडा गाड़ने पर पुलिस ने उन्हें पकड़ लिया, मारा और उन्हें हटा दिया गया।

प्रश्न 4. लोग अपने-अपने मकानों व सार्वजनिक स्थलों पर राष्ट्रीय झंडा फहराकर किस बात का संकेत देना चाहते थे?

उत्तर – लोग अपने-अपने मकानों व सार्वजनिक स्थलों पर राष्ट्रीय झंडा फहराकर स्वतंत्रता का संकेत देना चाहते थे।

प्रश्न 5. पुलिस ने बड़े-बड़े पार्कों तथा मैदानों को क्यों घेर लिया था?

उत्तर – पुलिस ने बड़े-बड़े पार्कों तथा मैदानों को इसलिए घेर लिया था ताकि किसी भी स्थान पर लोग एक साथ एकत्रित ना हो सके और रेलियाॅं ना निकाल सके।

लिखित

(क) निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर ( 25-30 शब्दों में ) लिखिए—

प्रश्न 1. 26 जनवरी 1931 के दिन को अमर बनाने के लिए क्या-क्या तैयारियाॅं की गईं?

उत्तर – 26 जनवरी 1931 के दिन को अमर बनाने के लिए कई तरह की तैयारियाॅं की गई थी। प्रचार में दो हजार रूपए खर्च किया गया, बड़े बाजार के प्रातः मकानों पर राष्ट्रीय झंडा फहराया जा रहा था। कई मकान तो ऐसे सजाए गए जैसे मानो स्वतंत्रता प्राप्त हो गई हो।

प्रश्न 2. ‘आज जो बात थी वह निराली थी’–किस बात से पता चल रहा था कि आज का दिन अपने आप में निराला है? स्पष्ट कीजिए।

उत्तर – आज का दिन और आज की बात इसलिए निराली थी क्योंकि आज के दिन इतनी तैयारियाॅं हुई कि इससे पहले कभी नहीं हुई थी। क्योंकि इस उत्सव पर विद्यालय की लड़कियाॅं भी बढ़ चढ़कर हिस्सा ले रही थी। लोग बड़े उत्साह से तैयारियों में जुटे हुए थे। हजारों आदमियों की भीड़ ने सबको भौचक्का कर दिया था।

प्रश्न 3. पुलिस कमिश्नर के नोटिस और कौंसिल के नोटिस में क्या अंतर था?

उत्तर – पुलिस कमिश्नर के नोटिस और कौंसिल के नोटिस में बहुत अंतर था। पुलिस कमिश्नर के नोटिस में अमुख-अमुख धारा के अनुसार कोई सभा नहीं हो सकती। अगर कोई सभा में भाग लेगा तो वह देशद्रोही समझा जाएगा। पर कौंसिल के नोटिस के अनुसार मॉन्यूमेंट के नीचे चार बजकर चौबीस मीनट (4:24) पर झंडा फहराया जाएगा। जिसके अनुसार ज्यादा से ज्यादा लोगों को मॉन्यूमेंट के नीचे एकत्रित होना होगा और फिर स्वतंत्रता की प्रतिज्ञा पढ़ी जाएगी।

प्रश्न 4. धर्मतल्ले के मोड़ पर आकर जुलूस क्यों टूट गया?

उत्तर – सुभाष बाबू पूरे जोश के साथ जुलूस को आगे बढ़ा रहे थे परंतु थोड़ा आगे पहुॅंचने पर पुलिस ने उन्हें पकड़ लिया और गाड़ी में बैठाकर लाल बाजार के लॉकअप में भेज दिया। फिर कुछ देर बाद ही स्त्रियाॅं वहीं से जुलूस बनाकर चल पड़ी। बीच में पुलिस कुछ ठंडी पड़ गई थी पर फ़िर, उन्होंने जुलूस में भाग लेने वालो पर डंडा चलाना शुरु कर दिया। बहुत से लोग घायल हो गए। पुलिस की इस क्रिया के कारण जुलूस टूट गया और करीब 50 से 60 स्त्रियाॅं वहीं मोड पर बैठ गई। पुलिस ने उन्हें भी पकड़कर लाल बाजार लॉकअप भेज दिया।

प्रश्न 5. डॉ. दासगुप्ता जुलूस में घायल लोगों की देख-रेख तो कर ही रहे थे, उनके फ़ोटो भी उतरवा रहे थे। उन लोगों की फ़ोटो खींचने की क्या वजह हो सकती थी? स्पष्ट कीजिए।

उत्तर – डॉ. दासगुप्ता जुलूस में घायल लोगों की देख-रेख तो कर ही रहे थे, उनके फ़ोटो भी उतरवा रहे थे। जिससे कि देश के लोगों को इसके जरिए बताया जा सके कि अंग्रेजी सरकार ने पुलिस की मदद से किस-किस प्रकार के ज़ुल्म भारतीयों पर किए हैं, ताकि सभी लोग उनका विरोध करे।

(ख) निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर ( 50-60 शब्दों में ) लिखिए—

प्रश्न 1. सुभाष बाबू के जुलूस में स्त्री समाज की क्या भूमिका थी?

उत्तर – सुभाष बाबू के जुलूस में स्त्री समाज की बहुत बड़ी भूमिका थी। स्त्री समाज ने ही खुद को संगठित कर पुलिस की लाठियाॅं बरसाने के बावजूद भी मॉन्यूमेंट पर चढ़कर तिरंगा झंडा फहराया था एवं शपथ पड़ी थी। उन्होंने भी पुरुषों के समान पुलिस की लाठियों का सामना किया व स्वतंत्रता के लिए संघर्ष किया था।

प्रश्न 2. जुलूस के लालबाज़ार आने पर लोगों की क्या दशा हुई?

उत्तर – जुलूस के लालबाज़ार आने पर लोगों की भीड़ बेकाबू हो जोरों से नारे लगाने लगे जिसके कारण पुलिस ने लोगों पर डंडे बरसाने शुरू कर दिए एवं कई लोग घायल भी हो गए। कुछ लोगों को गिरफ्तार भी कर लिया गया जिससे जिसमें स्त्रियाॅं भी शामिल थी।

प्रश्न 3. ‘जब से कानून भंग का काम शुरू हुआ है तब से आज तक इतनी बड़ी सभा ऐसे मैदान में नहीं की गई थी और यह सभा तो कहना चाहिए कि ओपन लड़ाई थी।’ यहाँ पर कौन से और किसके द्वारा लागू किए गए कानून को भंग करने की बात कही गई है? क्या कानून भंग करना उचित था? पाठ के संदर्भ में अपने विचार प्रकट कीजिए।

उत्तर – कलकत्ता में लोगों ने जुलूस निकालकर अंग्रेजी राज्य सरकार द्वारा बनाए गए कानूनों को ध्वस्त कर दिया। यह कह रहा था कि इस जगह पर इस धारा के संदर्भ से सभा नहीं की जा सकती, यह करना बहुत ही उचित था क्योंकि अंग्रेजी सरकार भारतीयों पर जुल्म ढा रहे थे एवं उनके स्वतंत्रता के लिए किए जाने वाले जुलूस एवं सभाओं को गैरकानूनी घोषित कर रहे थे। अतः इन कानूनों को तोड़ना उचित था।

प्रश्न 4. बहुत से लोग घायल हुए, बहुतों को लॉकअप में रखा गया, बहुत-सी स्त्रियाॅं जेल गईं, फिर भी इस दिन को अपूर्व बताया गया है। आपके विचार में यह सब अपूर्व क्यों है? अपने शब्दों में लिखिए।

उत्तर – यह दिन बहुत ही अपूर्व था क्योंकि इस दिन लोगों ने सरकारी विद्रोह के बावजूद भी अपने जुलूस एवं सभाओं को जारी रख के स्वतंत्रता दिवस की पुनरावृति की। लोगों पर लाठियाॅं चलाई गई उसके बावजूद भी उन्होंने अपने विचारों में परिवर्तन नहीं किया और वंदे मातरम् के नारे लगते हुए अंग्रेजी दमन को खुली चुनौती दी। लोगों की गिरफ्तारी के बावजूद भी स्त्रियों का जुलूस लाल बाजार तक बढ़ता ही गया और उन्होंने मॉन्यूमेंट पर तिरंगा फहराकर शपथ ली।

(ग) निम्नलिखित का आशय स्पष्ट कीजिए–

प्रश्न 1. आज तो जो कुछ हुआ वह अपूर्व हुआ है। बंगाल के नाम या कलकत्ता के नाम पर कलंक था कि यहाँ काम नहीं हो रहा है वह आज बहुत अंश में धुल गया।

उत्तर – सभी लोगों ने स्वतंत्रता दिवस की तैयारी जोरों शोरों से की। हजारों लोगों व स्त्रियों ने मिलकर जुलूस निकाला। अंग्रेजी सरकार के कानूनों को तोड़कर, वंदे मातरम् के नारे लगाते हुए स्वतंत्रता की ओर बढ़ते चले गए। पुलिस के लाठीचार्ज के बाद कई लोग घायल भी हो गए परंतु फिर भी ना रुके। जुलूस के साथ नारे लगाते हुए मॉन्यूमेंट पर चढ़कर उन्होंने देश का तिरंगा लहराया व शपथ ली। कलकत्ता या बंगाल के लिए कहा जाता है कि स्वतंत्रता के लिए ज्यादा योगदान नहीं दिया जाता। परंतु आज की स्थिति को देखकर उन पर से यह कलंक मिट गया।

प्रश्न 2. खुला चैलेंज देकर ऐसी सभा पहले नहीं की गई थी।

उत्तर – प्रस्तुत पंक्ति का यह आशय है कि, 26 जनवरी को कोई प्रदर्शन ना हो इस वजह से पुलिस ने नोटिस निकाला कि किसी भी तरह की जुलूस या नारेबाजी आयोजित नहीं की जाएगी। परंतु सुभाष बाबू के अध्यक्ष में कौंसिल ने नोटिस निकाला कि ठीक 4:24 पर मॉन्यूमेंट के नीचे झंडा फहराया जाएगा एवं स्वतंत्रता की प्रतिज्ञा पढ़ी जाएगी। सभी लोगों को इसके लिए आमंत्रित किया गया, हर गली मोहल्ले में इसका प्रचार भी किया गया। यह अंग्रेजी सरकार और आम जनता में खुली लड़ाई थी। ऐसी खुली चैलेंज देखकर कभी भी किसी ने सभा नहीं की थी।

भाषा अध्ययन 

प्रश्न 1. रचना की दृष्टि से वाक्य तीन प्रकार के होते हैं–

सरल वाक्य– सरल वाक्य में कर्ता, कर्म, पूरक, क्रिया और क्रिया विशेषण घटकों या इनमें से कुछ घटकों का योग होता है। स्वतंत्र रूप से प्रयुक्त होने वाला उपवाक्य ही सरल वाक्य है।

उदाहरण– लोग टोलियाँ बनाकर मैदान में घूमने लगे।

संयुक्त वाक्य– जिस वाक्य में दो या दो से अधिक स्वतंत्र या मुख्य उपवाक्य समानाधिकरण योजक से जुड़े हों, वह संयुक्त वाक्य कहलाता है। योजक शब्द– और, परंतु, इसलिए आदि।

उदाहरण– मोनुमेंट के नीचे झंडा फहराया जाएगा और स्वतंत्रता की प्रतिज्ञा पढ़ी जाएगी।

मिश्र वाक्य– वह वाक्य जिसमें एक प्रधान उपवाक्य हो और एक या अधिक आश्रित उपवाक्य हों, मिश्र वाक्य कहलाता है।

उदाहरण– जब अविनाश बाबू ने झंडा गाड़ा तब पुलिस ने उनको पकड़ लिया।

निम्नलिखित वाक्यों को सरल वाक्यों में बदलिए–

I. (क) दो सौ आदमियों का जुलूस लालबाज़ार गया और वहाँ पर गिरफ़्तार हो गया।

(ख) मैदान में हज़ारों आदमियों की भीड़ होने लगी और लोग टोलियाँ बना-बनाकर मैदान में घूमने लगे।

(ग) सुभाष बाबू को पकड़ लिया गया और गाड़ी में बैठाकर लालबाज़ार लॉकअप में भेज दिया गया।

II. ‘बड़े भाई साहब’ पाठ में से भी दो-दो सरल, संयुक्त और मिश्र वाक्य छाँटकर लिखिए।

उत्तर –

I. (क) दो सौ आदमियों का जुलूस लाल बाज़ार जाकर गिरफ्तार हो गया।

(ख) मैदान में हजारों आदमियों की भीड़ टोलियाँ बना-बनाकर घूमने लगी।

(ग) सुभाष बाबू को पकड़ कर गाड़ी में बिठाकर लालबाज़ार लॉकअप में भेज दिया गया।

II. सरल वाक्य

(क) वह स्वभाव से बड़े अध्ययनशील थे।

(ख) उनकी रचनाओं को समझना मेरे लिए छोटा मुँह बड़ी बात थी।

संयुक्त वाक्य 

(क) मैं पास हो गया और दरजे में प्रथम आया।

(ख) भाई साहब ने मानो तलवार खींच ली और मुझ पर टूट पड़े।

मिश्र वाक्य

(क) मेरी शालीनता इसी में थी कि उनके हुक्म को कानून समझें।

(ख) मैं इरादा करता कि आगे से खूब जी लगाकर पढ़ेगा।

प्रश्न 2. निम्नलिखित वाक्य संरचनाओं को ध्यान से पढ़िए और समझिए कि जाना, रहना और चुकना क्रियाओं का प्रयोग किस प्रकार किया गया है।

(क) 1. कई मकान सजाए गए थे।

2. कलकत्ते के प्रत्येक भाग में झंडे लगाए गए थे।

(ख) 1. बड़े बाज़ार के प्रायः मकानों पर राष्ट्रीय झंडा फहरा रहा था।

2. कितनी ही लारियाँ शहर में घुमाई जा रही थीं।

3. पुलिस भी अपनी पूरी ताकत से शहर में गश्त देकर प्रदर्शन कर रही थीं।

(ग) 1. सुभाष बाबू के जुलूस का भार पूर्णोदास पर था, वह प्रबंध कर चुका था।

2. पुलिस कमिश्नर का नोटिस निकल चुका था।

उत्तर – ऊपर लिखे हुए वाक्यों को पढ़ने और समझने से यह पता चलता है कि ‘जाना’, ‘रहना’ और ‘चुकना’ क्रिया को इन वाक्यों में मुख्य क्रिया की तरह प्रयोग ना करके रंजक क्रिया की तरह प्रयोग किया गया है। इससे इनकी मुख्य क्रियाएं संयुक्त क्रियाओं में परिवर्तित हो गई है।

प्रश्न 3. नीचे दिए गए शब्दों की संरचना पर ध्यान दीजिए—

विद्या + अर्थी – विद्यार्थी

‘विद्या’ शब्द का अंतिम स्वर ‘आ’ और दूसरे शब्द ‘अर्थी’ की प्रथम स्वर ध्वनि ‘अ’ जब मिलते हैं तो वे मिलकर दीर्घ स्वर ‘आ’ में बदल जाते हैं। यह स्वर संधि है जो संधि का ही एक प्रकार है।

संधि शब्द का अर्थ है– जोड़ना। जब दो शब्द पास-पास आते हैं तो पहले शब्द की अंतिम ध्वनि बाद में आने वाले शब्द की पहली ध्वनि से मिलकर उसे प्रभावित करती है। ध्वनि परिवर्तन की इस प्रक्रिया को संधि कहते हैं। संधि तीन प्रकार की होती है– स्वर संधि, व्यंजन संधि, विसर्ग संधि। जब संधि युक्त पदों को अलग-अलग किया जाता है तो उसे संधि विच्छेद कहते हैं;

जैसे– विद्यालय– विद्या + आलय

नीचे दिए गए शब्दों की संधि कीजिए—

1. श्रद्धा     +    आनंद      =   ……….

2. प्रति      +    एक         =   ……….

3. पुरुष     +    उत्तम       =   ……….

4. झंडा      +    उत्सव     =   ……….

5. पुनः       +    आवृत्ति   =   ……….

6. ज्योतिः   +    मय        =   ……….

उत्तर – 

श्रद्धाआनंदश्रद्धानंद
प्रतिएकप्रत्येक
पुरुषउत्तमपुरुषोत्तम
झंडाउत्सवझंडोत्सव
पुनःआवृत्तिपुनरावृत्ति
ज्योतिःमयज्योतिर्मय

योग्यता विस्तार

प्रश्न 1. भौतिक रूप से दबे हुए होने पर भी अंग्रेजों के समय में ही हमारा मन आज़ाद हो चुका था। अत: दिसंबर सन् 1929 में लाहौर में कांग्रेस का एक बड़ा अधिवेशन हुआ, इसके सभापति जवाहरलाल नेहरू जी थे। इस अधिवेशन में यह प्रस्ताव पास किया गया कि अब हम ‘पूर्ण स्वराज्य’ से कुछ भी कम स्वीकार नहीं करेंगे। 26 जनवरी 1930 को देशवासियों ने ‘पूर्ण स्वतंत्रता’ के लिए हर प्रकार के बलिदान की प्रतिज्ञा की। उसके बाद आज़ादी प्राप्त होने तक प्रतिवर्ष 26 जनवरी को स्वाधीनता दिवस के रूप में मनाया जाता रहा। आज़ादी मिलने के बाद 26 जनवरी गणतंत्र दिवस के रूप में मनाया जाने लगा।

उत्तर – यह महत्वपूर्ण जानकारी छात्रों के लिए है।

प्रश्न 2. डायरी– यह गद्य की एक विधा है। इसमें दैनिक जीवन में होने वाली घटनाओं, अनुभवों को वर्णित किया जाता है। आप भी अपनी दैनिक जीवन से संबंधित घटनाओं को डायरी में लिखने का अभ्यास करें।

उत्तर – 

19 अगस्त, 20XX

शुक्रवार

आज का दिन मेरे लिए बहुत मनोरंजकपूर्ण था। आज के दिन मैंने अपने परिवार के साथ मिलकर खूब मस्ती की क्योंकि आज मेरे स्कूल की छुट्टी थी और इसी के कारण हमारे परिवार के सभी सदस्यों ने मिलकर एक प्लान बनाया कि आज हम सभी मिलकर चिड़ियाघर देखने जाएंगे। हम सब जाने के लिए तैयार हो गए और गाड़ी में बैठ कर रास्ते में मस्ती करते हुए चिड़ियाघर पहुॅंच गए। चिड़ियाघर के लिए हमने टिकट खरीदी और घुसते ही हमारी सबसे पहले खरगोशों और कुछ पक्षियों से मुलाकात हुई हमने उनके साथ खूब खेला और मस्ती की। आगे चलकर हमने खूबसूरत हिरण को देखा, भारी हाथियों को देखा व खूंखार दातों वाले शेर को भी देखा।

हमने सभी के साथ मिलकर कुछ प्यारी फोटो ली पर शेर से तो दूर रहकर ही हमने फोटो खींची। फिर वहीं पर एक छोटे से पार्क में हमने घर से ले जाया हुआ खाना खाया और कुछ देर बाद शाम हो गई। शाम होते ही उस चिड़ियाघर के नज़ारे और खूबसूरत हो गए। हमने नज़ारो के लुफ्त उठाएं और सभी के साथ हॅंसते हुए बहुत सारी फोटो खींची। यह हमारा मुस्कुराना और खिलखिलाना कार में भी चलता रहा और हम कब घर पहुॅंच गए पता ही नहीं चला।

अ० ब० स०

प्रश्न 3. जमना लाल बजाज महात्मा गांधी के पाँचवें पुत्र के रूप में जाने जाते हैं, क्यों? अध्यापक से जानकारी प्राप्त करें।

उत्तर – दक्षिणी अफ्रीका में महात्मा गांधी द्वारा किए जा रहे सत्याग्रह की खबरों को पढ़कर जमना लाल गांधीजी से प्रभावित होते रहते थे। 1915 में भारत वापस लौटने के बाद जब गांधी जी ने साबरमती में अपना आश्रम बनाया तो जमनालाल वहाॅं जाकर कई दिन रहा करते और गांधी जी की कार्यप्रणाली और व्यक्तित्व समझने की कोशिश किया करते रहते। उन्होंने गांधीजी को ही अपना गुरु बना लिया और वह गांधी जी के सत्य सिद्धांत और अहिंसा का पालन किया करते थे। अपने सिद्धांत के प्रति ऐसा समर्पण देख गांधी जी ने उन्हें अपना पुत्र मानने लगे और तब से कालांतर में जमनालाल को गांधी जी के पाँचवें पुत्र के रूप में जाना जाने लगा।

प्रश्न 4. ढाई लाख का जानकी देवी पुरस्कार जमना लाल बजाज फाउंडेशन द्वारा पूरे भारत में सराहनीय कार्य करने वाली महिलाओं को दिया जाता है। यहाँ ऐसी कुछ महिलाओं के नाम दिए जा रहे हैं–

श्रीमती अनुताई लिमये 1993 महाराष्ट्र; सरस्वती गोरा 1996 आंध्र प्रदेश;

मीना अग्रवाल 1996 असम; सिस्टर मैथिली 1999 केरल; कुंतला कुमारी आचार्य 2001 उड़ीसा।

इनमें से किसी एक के बारे में विस्तृत जानकारी प्राप्त कीजिए।

उत्तर – छात्र स्वयं अध्यापक और इंटरनेट की मदद से किसी एक के जीवनी के बारे में जानकारी प्राप्त करें व उनके बारे में विस्तारपूर्वक लिखें।

परियोजना कार्य 

प्रश्न 1. स्वतंत्रता आंदोलन में निम्नलिखित महिलाओं ने जो योगदान दिया, उसके बारे में संक्षिप्त जानकारी प्राप्त करके लिखिए–

(क) सरोजिनी नायडू

(ख) अरुणा आसफ अली

(ग) कस्तूरबा गांधी

उत्तर –

सरोजिनी नायडू – सरोजिनी नायडू उत्तर प्रदेश की गवर्नर बनने वाली पहली महिला थी। उन्होंने गांधी जी के साथ कई सत्याग्रहों में भाग लिया था और ‘भारत छोड़ो’ आंदोलन में तो उन्हें जेल भी जाना पड़ा था। उन्हें ‘भारत कोकिला’ के नाम से भी जाना जाता है।

अरुणा आसफ अली – इन्होंने 9 अगस्त को गोवालिया टैंक मैदान में कांग्रेस का झंडा फहराया और वहीं से एक आंदोलन की शुरुआत हुई। 1942 के आंदोलन के दौरान उनकी बहादुरी के लिए उन्हें नायकी का दर्जा भी मिला। इस आंदोलनों के बाद स्वतंत्रता आंदोलन में एक पुरस्कार के तौर पर उन्हें ‘ग्रैंड ओल्ड लेडी’ के नाम से संबोधित किया गया।

कस्तूरबा गांधी – कस्तूरबा गांधी का महत्वपूर्ण योगदान स्वतंत्रता आंदोलन में रहा है और इन्होंने ही सबसे पहले भारतीयों के अमानवीय हालत में काम करने के विरुद्ध आवाज उठाई थी। महात्मा गांधी हमेशा कस्तूरबा गांधी के सहयोग के साथी ही अहिंसा से संबंधित प्रयोग किया करते थे।

प्रश्न 2. इस पाठ के माध्यम से स्वतंत्रता संग्राम में कलकत्ता ( कोलकाता ) के योगदान का चित्र स्पष्ट होता है। आज़ादी के आंदोलन में आपके क्षेत्र का भी किसी न किसी प्रकार का योगदान रहा होगा। पुस्तकालय, अपने परिचितों या फिर किसी दूसरे स्त्रोत से इस संबंध में जानकारी हासिल कर लिखिए।

उत्तर – छात्र स्वयं करने कि कोशिश करें।

प्रश्न 3. ‘केवल प्रचार में दो हज़ार रुपया खर्च किया गया था।’ तत्कालीन समय को मद्देनज़र रखते हुए अनुमान लगाइए कि प्रचार-प्रसार के लिए किन माध्यमों का उपयोग किया गया होगा?

उत्तर – (1930-31) के समय में प्रचार प्रसार के लिए कई सारे झंडे बनवाए होंगे। प्रचार के लिए पंपलेट छपवाकर उनमें स्लोगन लिखे होंगे व गली-मोहल्ले में जा जाकर उन्हें चिपकाया होगा। कुछ कार्यकर्ताओं को लोगों में देश के प्रति स्वतंत्रता के भावनाओं को जगाने के लिए  नगद भी दिए होंगे और कई व्यापन भी किया होंगे।

प्रश्न 4. आपको अपने विद्यालय में लगने वाले पल्स पोलियो केंद्र की सूचना पूरे मोहल्ले को देनी है। आप इस बात का प्रचार बिना पैसे के कैसे कर पाएँगे? उदाहरण के साथ लिखिए।

उत्तर – मेरे विद्यालय में लगने वाले पल्स पोलियो केंद्र की सूचना, मैं विद्यालय के आस पास सभी कॉलोनी में स्थित मोहल्लों या झुग्गी बस्तियों में अपने सभी मित्रों के साथ जा जाकर सभी लोगों को पोलियो के खतरे के बारे में बताऊंगा ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग अपने बच्चों को लेकर हमारे विद्यालय में पोलियो टीका लगवाने आए।

तताँरा-वामीरो कथा प्रश्न और उत्तर Class 10

Leave a Reply

%d bloggers like this: